Shiv Katha.
🔱 भगवान शिव की अनंत महिमा 🔱 भगवान शिव के विषय में चाहे जितना भी लिखा जाए, वह कभी पर्याप्त नहीं हो सकता। क्योंकि असीम को शब्दों की सीमा में बाँधना असंभव है। जिनकी कोई सीमा नहीं — जिनका आदि न अंत — उनकी लीला का वर्णन वाणी और कलम के द्वारा कहाँ तक संभव है? फिर भी मानव प्रयास करता है — पुराणों की रचना होती है: शिव पुराण , लिंग पुराण , स्कंद पुराण — जो शिव की महिमा का गुणगान करते हैं। मनुष्य को चाहिए कि वह अपने इष्ट का नाम-स्मरण, कीर्तन, मनन-चिंतन करता रहे, और अन्य लोगों को भी प्रेरित करे। 🌿 मानव जीवन का उद्देश्य: मनुष्य जीवन यूँ ही नहीं मिला — ८४ लाख योनियों से गुजर कर यह अमूल्य अवसर प्राप्त होता है। यह जीवन केवल भोग और विलास के लिए नहीं है। मनुष्य योनि को छोड़कर बाकी सब भोग योनियाँ कहलाती हैं — जहाँ आत्मोन्नति नहीं होती। लेकिन मनुष्य को सोचने की शक्ति , विवेक , और ध्यान की अद्भुत क्षमता दी गई है — जिससे वह सत्य का बोध क...