भक्ति आंदोलन की शुरुआत कहाँ से हुई? "भक्ति द्राविड़ उपजी" का वास्तविक अर्थ
भक्ति द्राविड़ उपजी – शास्त्र और इतिहास का वास्तविक अर्थ सनातन धर्म में भक्ति किसी एक प्रदेश की नहीं, बल्कि शाश्वत आध्यात्मिक परंपरा है, जिसे विभिन्न संतों ने समय-समय पर जन-जन तक पहुँचाया। क्या वास्तव में "भक्ति द्राविड़ उपजी" सत्य है? शास्त्र और इतिहास क्या कहते हैं? भूमिका सनातन धर्म में एक प्रसिद्ध पंक्ति बार-बार सुनने को मिलती है— "भक्ति द्राविड़ उपजी, लाए रामानंद। प्रगट कीन्ह कबीर ने, सप्तद्वीप नवखंड॥" बहुत से लोग इस पंक्ति का अर्थ यह समझ लेते हैं कि भक्ति की शुरुआत दक्षिण भारत से हुई थी। वहीं कुछ लोग इसे पूरी तरह ऐतिहासिक सत्य मान लेते हैं, जबकि कुछ इसे अस्वीकार कर देते हैं। तो क्या वास्तव में भक्ति का जन्म दक्षिण भारत में हुआ था? या फिर यह पंक्ति किसी और गहरे अर्थ की ओर संकेत करती है? इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए हमें केवल इस दोहे को नहीं, बल्कि वेदों, उपनिषदों, भगवद्गीता, पुराणों और भारत के भक्ति आंदोलन—सभी का अध्ययन करना होगा। "भक्ति द्राविड़ उपजी" का वास्तविक अर्थ यह पंक्ति किसी वेद, उपनिषद अथवा प्रमाणित पुराण का श्लोक नहीं मानी जात...