जब भगवान शिव ने भगवान विष्णु का मोहिनी रूप देखने की इच्छा की
शिव ने मोहिनी रूप क्यों देखा? भगवान शिव द्वारा भगवान विष्णु के मोहिनी रूप के दर्शन की इच्छा—श्रीमद्भागवत में वर्णित एक अद्भुत दिव्य लीला। जब भगवान शिव ने भगवान विष्णु का मोहिनी रूप देखने की इच्छा की, तो इसके पीछे क्या रहस्य था? भगवान शिव को हम योगेश्वर, वैराग्य के प्रतीक और संसार के मोह से परे रहने वाले महादेव के रूप में जानते हैं। फिर श्रीमद्भागवत महापुराण में ऐसा अद्भुत प्रसंग क्यों आता है, जिसमें स्वयं भगवान शिव भगवान विष्णु के मोहिनी रूप को देखने की इच्छा प्रकट करते हैं? क्या यह केवल एक अद्भुत पौराणिक कथा है? या इसके भीतर ईश्वर की माया, योगशक्ति और मनुष्य के लिए कोई गहरा आध्यात्मिक संदेश छिपा है? श्रीमद्भागवत महापुराण के अष्टम स्कंध के बारहवें अध्याय में इस प्रसंग का अत्यंत रोचक वर्णन मिलता है। समुद्र-मंथन और भगवान विष्णु का मोहिनी रूप समुद्र-मंथन के समय देवताओं और असुरों को अमृत प्राप्त हुआ। अमृत को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ तो भगवान विष्णु ने मोहिनी का अद्भुत रूप धारण किया। उनका यह रूप इतना आकर्षक था कि असुर उस रूप से मोहित हो गए और भगवान...