शास्त्र अनुभव पर इतना बल क्यों देते हैं? सनातन धर्म का गहन रहस्य
शास्त्रों का वास्तविक उद्देश्य – अनुभव द्वारा सत्य की प्राप्ति सनातन धर्म के अनुसार शास्त्र मार्ग दिखाते हैं, परन्तु साधना और अनुभव ही साधक को सत्य तक पहुँचाते हैं। शास्त्र अनुभव पर इतना बल क्यों देते हैं? भूमिका सनातन धर्म में शास्त्रों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। वे हमें धर्म, कर्म, योग, भक्ति और आत्मज्ञान का मार्ग दिखाते हैं। परंतु एक रोचक तथ्य यह है कि लगभग सभी उपनिषद, पुराण और गीता केवल शास्त्र पढ़ने पर ही नहीं, बल्कि अनुभव प्राप्त करने पर विशेष बल देते हैं। प्रश्न यह है—यदि शास्त्र इतने महान हैं, तो फिर वे केवल अध्ययन को पर्याप्त क्यों नहीं मानते? इस प्रश्न का उत्तर समझना प्रत्येक साधक के लिए आवश्यक है। शास्त्र मार्गदर्शक हैं, मंज़िल नहीं शास्त्र सत्य की ओर संकेत करते हैं, स्वयं सत्य नहीं बन जाते। जिस प्रकार किसी नगर का नक्शा हमें मार्ग दिखाता है, पर स्वयं हमें उस नगर तक नहीं पहुँचा देता, उसी प्रकार शास्त्र साधना का मार्ग बताते हैं, पर साधक को उस मार्ग पर स्वयं चलना पड़ता है। ज्ञान दिशा देता है, किंतु अनुभव उस दिशा को सत्य में बदल देता है। अनुभव ही विश्वास को स्...