वैज्ञानिक युग में भगवान शिव की भक्ति क्यों आवश्यक है? सनातन दृष्टिकोण
वैज्ञानिक युग में भगवान शिव की भक्ति का सनातन संदेश विज्ञान बाहरी संसार का ज्ञान देता है, जबकि भगवान शिव की भक्ति मनुष्य को अपने भीतर की चेतना और शांति से जोड़ती है। आज के वैज्ञानिक युग में शिव-भक्ति का महत्त्व भूमिका आज का युग विज्ञान, तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का युग है। मनुष्य ने अंतरिक्ष तक पहुँच बनाई है, रोगों के उपचार विकसित किए हैं और कुछ ही क्षणों में संसार के किसी भी कोने से संवाद स्थापित करना संभव कर दिया है। विज्ञान ने जीवन को सुविधाजनक अवश्य बनाया है, किन्तु इसके साथ ही मानसिक तनाव, अकेलापन, चिंता, प्रतिस्पर्धा और आंतरिक अशांति भी बढ़ी है। ऐसे समय में एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठता है— क्या आज के वैज्ञानिक युग में भी भगवान शिव की भक्ति प्रासंगिक है? सनातन धर्म का उत्तर है— हाँ, और शायद पहले से भी अधिक। विज्ञान और अध्यात्म विरोधी नहीं हैं अक्सर यह समझ लिया जाता है कि विज्ञान और अध्यात्म एक-दूसरे के विरोधी हैं। वास्तव में ऐसा नहीं है। विज्ञान बाहरी जगत का अध्ययन करता है, जबकि अध्यात्म मनुष्य के आंतरिक जगत का। विज्ञान यह बताता है कि संसार ...