माँ आदिशक्ति का रहस्य: नवरात्रि, सृष्टि और शक्ति का सनातन दर्शन
माँ आदिशक्ति का रहस्य और सनातन शक्ति दर्शन माँ आदिशक्ति भारतीय दर्शन में सृष्टि, चेतना और शक्ति के व्यापक स्वरूप का प्रतीक हैं। माँ आदिशक्ति का रहस्य: नवरात्रि, सृष्टि और शक्ति का सनातन दर्शन प्रस्तावना: आदिशक्ति कौन हैं? भारतीय संस्कृति में माँ आदिशक्ति को उस मूल शक्ति के रूप में देखा जाता है, जिससे सृष्टि की उत्पत्ति, उसका संचालन और परिवर्तन जुड़ा हुआ है। वे केवल देवी-पूजा का विषय नहीं, बल्कि भारतीय दर्शन में निहित उस गहन विचार का प्रतीक भी हैं, जिसके अनुसार इस संसार में कोई भी क्रिया शक्ति के बिना संभव नहीं है। नवरात्रि के नौ दिन इसी शक्ति की उपासना, आत्मचिंतन और अपने भीतर छिपी संभावनाओं को पहचानने का अवसर प्रदान करते हैं। जब हम माँ दुर्गा, माँ काली, माँ लक्ष्मी और माँ सरस्वती की उपासना करते हैं, तब हम शक्ति के विभिन्न स्वरूपों का स्मरण करते हैं। इनमें साहस, समृद्धि, ज्ञान, सृजन और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा समाहित है। लेकिन एक प्रश्न स्वाभाविक रूप से उठता है— आखिर आदिशक्ति का विचार भारतीय दर्शन में इतना महत्वपूर्ण क्यों है? इस प्रश्न को समझने के लिए हमें देवी...