भगवान शिव के स्मरण का सही समय क्या है? जानिए शिव-स्मरण की सरल साधना
भगवान शिव के स्मरण का सही समय और ब्रह्म मुहूर्त में शिव ध्यान भगवान शिव का स्मरण किसी एक निश्चित समय तक सीमित नहीं है। ब्रह्म मुहूर्त, प्रातःकाल, संध्या और रात्रि—हर समय शिव-स्मरण किया जा सकता है। जानिए शिव-स्मरण का सबसे सुंदर और सरल मार्ग। भगवान शिव के स्मरण का सही समय क्या है? ॐ नमः शिवाय। भगवान शिव का स्मरण करने के लिए क्या कोई निश्चित समय होता है? क्या शिवजी का ध्यान केवल प्रातःकाल या ब्रह्म मुहूर्त में ही करना चाहिए? या फिर दिन के किसी भी समय महादेव का स्मरण किया जा सकता है? यह प्रश्न जितना सरल दिखाई देता है, उतना ही गहरा है। भगवान शिव का स्मरण केवल पूजा की एक क्रिया नहीं है। यह मन को संसार की चंचलता से हटाकर भीतर की शांति और चेतना की ओर ले जाने का माध्यम है। इसलिए शिव-स्मरण का सबसे महत्वपूर्ण समय वह है, जब मन श्रद्धा और एकाग्रता के साथ महादेव की ओर मुड़ सके। फिर भी कुछ समय ऐसे हैं, जिन्हें साधना और शिव-स्मरण के लिए विशेष रूप से अनुकूल माना गया है। 1. ब्रह्म मुहूर्त — शिव-स्मरण का श्रेष्ठ समय रात्रि के अंतिम प्रहर और सूर्योदय से पहले का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है। इ...