लिंग पुराण के अनुसार प्राणायाम क्या है? प्राण और अपान का वास्तविक रहस्य
लिंग पुराण के अनुसार प्राणायाम केवल श्वास लेने और छोड़ने का अभ्यास नहीं, बल्कि प्राण और अपान वायु के संतुलन द्वारा मन, शरीर और चित्त को अनुशासित करने की दिव्य योग साधना है। प्राण और अपान वायु के संतुलन की दिव्य साधना लिंग पुराण के अनुसार प्राणायाम केवल श्वास का अभ्यास नहीं, बल्कि प्राणशक्ति को संतुलित कर मन, शरीर और चित्त को अनुशासित करने वाली महान योग साधना है। लिंग पुराण के अनुसार प्राणायाम क्या है? प्राण और अपान का वास्तविक रहस्य आज प्राणायाम को प्रायः केवल श्वास लेने और छोड़ने के अभ्यास के रूप में देखा जाता है। किन्तु लिंग पुराण में इसका स्वरूप इससे कहीं अधिक गहन और आध्यात्मिक बताया गया है। आठवें अध्याय में प्राणायाम को योग की एक महत्वपूर्ण साधना के रूप में वर्णित किया गया है। यहाँ प्राणायाम का उद्देश्य केवल शरीर को स्वस्थ बनाना नहीं, बल्कि प्राणशक्ति को संतुलित कर मन और चित्त को स्थिर करना है। प्राणायाम का वास्तविक अर्थ लिंग पुराण के अनुसार शरीर में प्रवाहित होने वाली प्राणवायु ही जीवन का आधार है। प्राण और अपान वायु के निरोध को ही प्राण...