दशहरा 2026: भगवान राम की विजय और अपने भीतर के रावण का अंत
दशहरा 2026 — सत्य और धर्म की विजय अधर्म पर धर्म की विजय, असत्य पर सत्य की विजय और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है विजयादशमी। चित्र स्रोत: Manukrishnan80, Wikimedia Commons | लाइसेंस: CC BY-SA 3.0दशहरा 2026: भगवान राम की विजय से अपने भीतर के रावण को पहचानने तक प्रस्तावना भारत त्योहारों का देश है। यहाँ प्रत्येक पर्व अपने भीतर कोई न कोई जीवन-दर्शन, सांस्कृतिक परंपरा और आध्यात्मिक संदेश समेटे हुए है। इन्हीं प्रमुख पर्वों में से एक है दशहरा, जिसे विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है। दशहरा हमें भगवान श्रीराम की रावण पर विजय की स्मृति दिलाता है। यह धर्म की अधर्म पर, सत्य की असत्य पर और सदाचार की अहंकार पर विजय का प्रतीक है। लेकिन क्या दशहरे का अर्थ केवल रावण के पुतले का दहन करना है? क्या जीवन में बुराई पर विजय प्राप्त करने का अर्थ केवल एक दिन उत्सव मनाना है? यदि हम इस पर्व के गहरे अर्थ को समझने का प्रयास करें, तो दशहरा हमें अपने भीतर झाँकने और स्वयं को बेहतर बनाने का अवसर प्रदान करता है। 1. दशहरा क्यों मनाया जाता है? दशहरा भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है। इसे मनाने क...