लिंग पुराण का रहस्य: सात द्वीप, सात समुद्र और सम्पूर्ण सृष्टि में व्याप्त शिव तत्त्व
सम्पूर्ण सृष्टि शिवमय है—सात द्वीपों, सात समुद्रों और क्षीरसागर में व्याप्त उसी अनंत शिव तत्त्व का प्रतीकात्मक चित्रण। क्या सम्पूर्ण सृष्टि शिवमय है? लिंग पुराण में सात द्वीप और सात समुद्रों का अद्भुत रहस्य सनातन धर्म के प्राचीन ग्रंथ केवल धार्मिक कथाएँ नहीं हैं, बल्कि वे ब्रह्मांड, जीवन और परम सत्य के गहन रहस्यों को भी प्रकट करते हैं। लिंग पुराण का 46वाँ अध्याय ऐसा ही एक अद्भुत प्रसंग प्रस्तुत करता है, जिसमें पृथ्वी, सात द्वीपों, सात समुद्रों और सम्पूर्ण सृष्टि में व्याप्त शिव तत्त्व का वर्णन मिलता है। सूत जी ऋषियों से कहते हैं कि यह पृथ्वी नदियों, पर्वतों और समुद्रों से अलंकृत है। इसके भीतर सात महान द्वीप स्थित हैं। ये हैं— जम्बूद्वीप, प्लक्षद्वीप, शालमलि, कुशद्वीप, क्रौंचद्वीप, शाकद्वीप और पुष्करद्वीप। पुराणों में इन सात द्वीपों का वर्णन केवल भौगोलिक रूप में नहीं मिलता, बल्कि इन्हें ब्रह्मांडीय व्यवस्था का भाग भी माना गया है। प्रत्येक द्वीप अपने भीतर विशेष रहस्य और दिव्य व्यवस्था को धारण किए हुए है। लिंग पुराण का एक अत्यंत महत्वपूर्ण कथन है कि इन सभी द्वीपों में भगवान शिव अपने ...