Shiv puja शिव गीता
ॐ शिव शिव गीता — भगवान शिव धर्म · दर्शन · साधना · महाकाल · त्याग भगवान शिव प्राचीन, अलौकिक और कल्याणकारी हैं। यह लेख शिव के आदर्श, ध्यान, महाकाल स्वरूप और शिवचरित्र से जीवन में संतोष और त्याग की प्रेरणा लेने का सार प्रस्तुत करता है। शिव का आदर्श इसके विपरीत भगवान शिव का आदर्श है कि अपनी आवश्यकताओं को कम से कम रखा जाय — थोड़े से ही संतोष करना, ऐश्वर्य और वैभव का त्याग करना। लोक-कल्याणकारी गंगा को अपनी मस्तक पर धारण करना यह दिखाता है कि त्याग वृति अपनाकर हम दूसरों को भी प्रेरित कर सकते हैं। ऐसी विशिष्ट परिस्थितियों में व्यक्ति कुछ भी नहीं करता; इसलिए जब तक हमारी निर्णय सीमाएँ सीमित नहीं होंगी, और जब तक हम सबके लिए दिन-रात मेहनत नहीं करेंगे, तब तक भगवान शिव के आदर्शों को हम ठीक से नहीं समझ पाएँगे। उनका दिन-रात तपस्या में लीन रहना यह सिखाता है कि मनुष्य को परिस्थितियों के सामने झुकना नहीं चाहिए। भगवान शिव का ध्यान धवलवपुषमिन्दोर्मण्डले संनिविष्टं। भुजगवलयहारं ...