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Shiv puja शिव गीता

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ॐ शिव शिव गीता — भगवान शिव धर्म · दर्शन · साधना · महाकाल · त्याग भगवान शिव प्राचीन, अलौकिक और कल्याणकारी हैं। यह लेख शिव के आदर्श, ध्यान, महाकाल स्वरूप और शिवचरित्र से जीवन में संतोष और त्याग की प्रेरणा लेने का सार प्रस्तुत करता है। शिव का आदर्श इसके विपरीत भगवान शिव का आदर्श है कि अपनी आवश्यकताओं को कम से कम रखा जाय — थोड़े से ही संतोष करना, ऐश्वर्य और वैभव का त्याग करना। लोक-कल्याणकारी गंगा को अपनी मस्तक पर धारण करना यह दिखाता है कि त्याग वृति अपनाकर हम दूसरों को भी प्रेरित कर सकते हैं। ऐसी विशिष्ट परिस्थितियों में व्यक्ति कुछ भी नहीं करता; इसलिए जब तक हमारी निर्णय सीमाएँ सीमित नहीं होंगी, और जब तक हम सबके लिए दिन-रात मेहनत नहीं करेंगे, तब तक भगवान शिव के आदर्शों को हम ठीक से नहीं समझ पाएँगे। उनका दिन-रात तपस्या में लीन रहना यह सिखाता है कि मनुष्य को परिस्थितियों के सामने झुकना नहीं चाहिए। भगवान शिव का ध्यान धवलवपुषमिन्दोर्मण्डले संनिविष्टं। भुजगवलयहारं ...

शिव कथा: भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह – पौराणिक आख्यान और भक्ति

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💫 शिव कथा: भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह 💫 भगवान शिव और पार्वती के विवाह के आख्यान को जो व्यक्ति पढ़ता है, सुनता हैों (लिंग पुराण में आया है) उसको परम पुण्य की प्राप्ति होती है और भगवान शिव की अपार कृपा से लाभान्वित होता है। 🌸 ब्रह्मा जी का आचार्य पद पर आसीन होना माता पार्वती जी के स्वयंवर के पश्चात ब्रह्मा जी, विष्णु से बोले — "हे कमलनयन, आप भगवान शिव के अंग हैं, एवं मैं भी भगवान शिव के अंग से उत्पन्न हुआ हूं। इस प्रकार आप मेरे जनक भी हैं और गुरु भी। इसलिए मैं आपको सर्वप्रथम प्रणाम करता हूं।" जगत माता जो कि भगवान शिव के अंग से उत्पन्न है, वही माया रूप से पार्वती के रूप में हैं, परंतु वही सृष्टि का आदि कारण हैं। भगवान शिव के नक्षत्र, चंद्र, सूर्य, पृथ्वी, आकाश, वायु, ये सभी उनकी मूर्तियाँ हैं। 🔥 विवाह का निमंत्रण जगत के सुख के लिए माता पार्वती का विवाह संपन्न होने जा रहा था। सभी लोग अपने-अपने वाहन से विवाह स्थल पर उपस्थित हो चुके थे। करोड़ों गण, यक्ष, किन्नर, नाग, गंधर्व, देवता, ऋषि, महर्षि सभी वहाँ पहुँच गए थे। 💍 भगवान शिव का श्रृंगार भगवान शिव क...