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How can you do shivling puja at home in hindi ,

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  घर में शिवलिंग की पूजा: सम्पूर्ण मार्गदर्शन 🕉️ घर में शिवलिंग की पूजा: सम्पूर्ण मार्गदर्शन 🌟 शिवलिंग का महत्व शिव पुराण के अनुसार, ब्रह्मा जी और विष्णु जी ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करने के लिए आपस में विवाद किया। उसी समय एक ज्योतिर्लिंग खम्भे के रूप में प्रकट हुआ। शिवलिंग सर्वश्रेष्ठ और अनंत शक्ति का प्रतीक है। तभी से शिवलिंग की पूजा प्रचलित हुई। 🏠 घर में शिवलिंग रखने और पूजा के नियम जल अर्पित करना अनिवार्य – प्रतिदिन जल अर्पित करें। आकार – अंगूठे से बड़ा न हो। दिशा – उत्तर की ओर मुख करके जल अर्पित करें। धातु का ध्यान – शिवलिंग और उसकी पीठ एक ही धातु की हो। पुष्प और सामग्री – केतकी का फूल, हल्दी, तुलसी के पत्ते न चढ़ाएँ; प्लास्टिक दूध न करें। नर्मदा शिवलिंग – घर में रखना शुभ। प्राण प्रतिष्ठा – आवश्यक नहीं। सिंदूर – न चढ़ाएँ। मंत्र जप – ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें। 🔱 शिवलिंग पूजा की विधि प्रातःकाल उठें और पूजा सामग्री व्यवस्थित करें। गंगाजल से अभिषेक – शुद्ध जल में दो बूंद गंगाजल डालकर। गाय का दूध से अभिषेक। शुद्ध जल से स्नान। घृत, दही, म...

Shiv puja vidhi (जानिए शिव पूजा से क्या लाभ होता है

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  शिव पूजा का महत्व और नियम शिव पूजा का महत्व और नियम शिव पूजा से क्या लाभ होता है? शिव की पूजा से मन को शांति, जीवन में स्थिरता और भौतिक व आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। भक्तों के कष्ट दूर होकर उन्हें सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। शिव पूजा का सही समय सोमवार को शिवजी की विशेष पूजा का महत्व है। प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त या संध्याकाल सर्वोत्तम समय है। महाशिवरात्रि और श्रावण मास में पूजा का विशेष फल मिलता है। शिव पूजा में आवश्यक सामग्री गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भस्म, दुग्ध, दही, मधु, घी और शहद। धूप, दीप, पुष्प, अक्षत और रुद्राक्ष। पंचामृत से अभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है। < शिव पूजा के नियम पूजा से पूर्व स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें। सदा बेलपत्र को उल्टा न चढ़ाएँ। तामसिक वस्तुएँ जैसे हल्दी, कुमकुम और तुलसी पत्र न चढ़ाएँ। शिवलिंग पर जल निरंतर प्रवाहित करना उत्तम है। भगवान शिव की भक्ति की पराकाष्ठा सब कुछ प्रभु को अर्पित कर दीजिए। फिर देखिए, समय के साथ हर कार्य अपने आप पूर्ण होता जाता है। सारे दुःखों...